HINDI CLASS- 8: मल्हार
CHAPTER-7: (मत बाँधो)
मत बाँधो – मेरी समझ से
(क) निम्नलिखित प्रश्नों के उपयुक्त उत्तर के सम्मुख तारा (*) बनाइए।
1. आप इनमें से कविता का मुख्य भाव किसे समझते हैं?
* सपनों की स्वतंत्रता बनी रहनी चाहिए।
* सपने देखना अच्छी बात है।
2. ‘मत बाँधो’ कविता किसकी स्वतंत्रता की बात करती है?
* सपनों की
3. “इन सपनों के पंख न काटो” पंक्ति में सपनों के ‘पंख’ होने की कल्पना क्यों की गई है?
* सपने जीवन में कुछ नया करने की प्रेरणा देते हैं।
* सपने सफलता की ऊँचाइयों तक ले जाते हैं।
4. “स्वर्ग बनाने का फिर कोई शिल्प” पंक्ति में ‘स्वर्ग’ से आप क्या समझते हैं?
* जहाँ परस्पर सहयोग एवं सद्भाव हो।
* जहाँ सभी प्राणी एक-दूसरे के प्रति संवेदनशील हों।
5. यदि बीज धूल में गिर जाए तो क्या हो सकता है?
* वह बढ़कर पौधा बन सकता है।
(ख) आपने ये उत्तर क्यों चुने?
1. कविता का मुख्य संदेश यह है कि मनुष्य के सपनों और कल्पनाओं को स्वतंत्र रहने देना चाहिए। सपने ही प्रगति और विकास का आधार बनते हैं।
2. पूरी कविता में कवयित्री बार-बार सपनों की उड़ान, गति और स्वतंत्रता की बात करती हैं। इसलिए यह सपनों की स्वतंत्रता पर आधारित कविता है।
3. पंख उड़ान, स्वतंत्रता और ऊँचाइयों का प्रतीक हैं। सपने भी मनुष्य को आगे बढ़ने और नई उपलब्धियाँ प्राप्त करने की प्रेरणा देते हैं।
4. यहाँ स्वर्ग का अर्थ किसी काल्पनिक स्थान से नहीं, बल्कि ऐसे समाज से है जहाँ प्रेम, सहयोग, शांति और संवेदनशीलता हो।
5. बीज यदि मिट्टी में गिरता है तो अंकुरित होकर नया पौधा बनता है। इसी प्रकार सपने भी सही अवसर मिलने पर साकार हो सकते हैं।
मत बाँधो – मिलकर करें मिलान
पंक्तियों का उनके सही भाव अथवा संदर्भ से मिलान
1. इन सपनों के पंख न काटो, इन सपनों की गति मत बाँधो!
→ किसी पक्षी के पंख काट दिए जाएँ तो वह उड़ नहीं सकता, वैसे ही सपनों को रोकना व्यक्ति की संभावनाओं को समाप्त करना है।
2. सपनों में दोनों ही गति हैं, उड़कर आँखों में आता है!
→ सपनों में ऊपर उठने (आरोहण) और व्यवहार में उतरने (अवरोहण) दोनों की विशेषता होती है।
3. इसका आरोहण मत रोको, इसका अवरोहण मत बाँधो!
→ सपनों के उठने और साकार होने की प्रक्रिया में बाधा नहीं डालनी चाहिए।
4. नभ तक जाने से मत रोको, धरती से इसको मत बाँधो!
→ सपनों को ऊँचाइयों तक जाने से नहीं रोकना चाहिए और उन्हें सीमाओं में नहीं बाँधना चाहिए।
5. स्वर्ग बनाने का फिर कोई शिल्प भूमि को सिखलायेगा!
→ स्वतंत्र और रचनात्मक विचार समाज को सुंदर, शांतिपूर्ण और समृद्ध बनाते हैं।
मत बाँधो – पंक्तियों पर चर्चा
(क) “सौरभ उड़ जाता है नभ में, फिर वह लौट कहाँ आता है? बीज धूलि में गिर जाता जो, वह नभ में कब उड़ पाता है?”
इन पंक्तियों में कवयित्री ने सौरभ और बीज के माध्यम से स्वतंत्रता और विकास का महत्व बताया है। सुगंध जब हवा में फैल जाती है तो वापस नहीं आती। इसी प्रकार बीज यदि मिट्टी में गिर जाता है तो वह उड़ नहीं सकता, बल्कि वहीं अंकुरित होकर विकसित होता है। कवयित्री बताना चाहती हैं कि प्रत्येक वस्तु और प्रत्येक स्वप्न का अपना स्वभाव और विकास का मार्ग होता है। इसलिए सपनों को उनकी स्वाभाविक गति से आगे बढ़ने देना चाहिए।
(ख) “मुक्त गगन में विचरण कर यह, तारों में फिर मिल जायेगा; मेघों से रंग औ’ किरणों से दीप्ति लिए भू पर आ जायेगा।”
इन पंक्तियों में कवयित्री सपनों की असीम शक्ति का वर्णन करती हैं। वे कहती हैं कि जब सपनों को स्वतंत्रता मिलती है तो वे ऊँचाइयों तक पहुँचते हैं, नए अनुभव प्राप्त करते हैं और फिर समाज के लिए उपयोगी बनकर लौटते हैं। ऐसे सपने व्यक्ति और समाज दोनों के जीवन में प्रकाश, नवीनता और विकास लाते हैं। इसलिए सपनों की उड़ान को रोकना नहीं चाहिए।
मत बाँधो – सोच-विचार के लिए
(क) कविता में ‘मत बाँधो’, ‘पंख न काटो’ आदि संबोधन किसके लिए किए गए होंगे?
ये संबोधन उन लोगों के लिए किए गए हैं जो दूसरों के सपनों, विचारों और कल्पनाओं पर रोक लगाते हैं। कवयित्री समाज, परिवार और सभी व्यक्तियों से अनुरोध करती हैं कि वे बच्चों और युवाओं के सपनों को स्वतंत्र रूप से विकसित होने दें।
(ख) कविता में सपनों की गति न बाँधने की बात क्यों कही गई होगी?
सपने मनुष्य को आगे बढ़ने, नई खोज करने और जीवन में सफलता प्राप्त करने की प्रेरणा देते हैं। यदि सपनों को सीमित कर दिया जाए तो व्यक्ति की रचनात्मकता और विकास रुक सकता है। इसलिए कवयित्री ने सपनों को स्वतंत्र रखने का संदेश दिया है।
(ग) कविता में सौरभ, बीज, धुआँ और अग्नि के उदाहरण दिए गए हैं। आपकी दृष्टि में सपनों की और कौन-सी विशेषताएँ हो सकती हैं?
मेरे विचार से सपने प्रेरणा देने वाले, आशा जगाने वाले और जीवन को नई दिशा देने वाले होते हैं। वे व्यक्ति को कठिन परिस्थितियों में भी आगे बढ़ने की शक्ति देते हैं। सपने लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें प्राप्त करने के लिए परिश्रम करने की प्रेरणा प्रदान करते हैं।
(घ) कविता में ‘आरोहण’ और ‘अवरोहण’ दोनों के महत्व की बात की गई है। उदाहरण देकर बताइए।
आरोहण का अर्थ है ऊपर उठना और अवरोहण का अर्थ है वापस व्यवहार में आना। उदाहरण के लिए, एक विद्यार्थी डॉक्टर बनने का सपना देखता है। यह उसका आरोहण है। जब वह पढ़ाई करके वास्तव में डॉक्टर बन जाता है और लोगों की सेवा करता है, तो यह अवरोहण है। दोनों ही जीवन में आवश्यक हैं।
(ङ) “सपनों में दोनों ही गति हैं, उड़कर आँखों में आता है!” क्या आप सहमत हैं कि सपने आँखों में लौटकर वास्तविकता बन जाते हैं?
हाँ, मैं सहमत हूँ। जब व्यक्ति अपने सपनों को लक्ष्य बनाकर मेहनत करता है, तो वे धीरे-धीरे वास्तविकता में बदल जाते हैं। उदाहरण के लिए, कई वैज्ञानिक, खिलाड़ी और स्वतंत्रता सेनानी पहले केवल सपना देखते थे, बाद में वही सपना उनकी उपलब्धि बन गया।
(च) यदि आपको इस कविता को कोई दूसरा शीर्षक देना हो तो आप क्या नाम देंगे?
मैं इस कविता का दूसरा शीर्षक “सपनों की उड़ान” रखना चाहूँगा। यह शीर्षक कविता के मुख्य भाव को स्पष्ट करता है क्योंकि पूरी कविता सपनों को स्वतंत्र उड़ान देने और उन्हें साकार करने की प्रेरणा देती है।