HINDI CLASS- 10
CHAPTER-6 (संगतकार)
अध्याय : संगतकार
प्रश्न 1. संगतकार के माध्यम से कवि किस प्रकार के व्यक्तियों की ओर संकेत करना चाहता है?
उत्तर :
संगतकार के माध्यम से कवि उन व्यक्तियों की ओर संकेत करना चाहता है जो स्वयं पर्दे के पीछे रहकर दूसरों की सफलता में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। ये लोग प्रसिद्धि की इच्छा नहीं रखते, बल्कि अपने सहयोग, परिश्रम और समर्पण से दूसरों को आगे बढ़ाने का कार्य करते हैं। समाज के अनेक क्षेत्रों में ऐसे सहायक और सहयोगी व्यक्ति होते हैं जिनका योगदान अमूल्य होता है, परन्तु उन्हें उचित पहचान नहीं मिलती।
प्रश्न 2. संगतकार जैसे व्यक्ति संगीत के अलावा और किन-किन क्षेत्रों में दिखाई देते हैं?
उत्तर :
संगतकार जैसे व्यक्ति केवल संगीत के क्षेत्र में ही नहीं, बल्कि जीवन के लगभग हर क्षेत्र में दिखाई देते हैं। जैसे—
- शिक्षा के क्षेत्र में शिक्षक और मार्गदर्शक।
- खेलों में प्रशिक्षक (कोच)।
- राजनीति में सलाहकार और कार्यकर्ता।
- विज्ञान के क्षेत्र में शोध सहयोगी।
- व्यापार में कर्मचारी और सहायक अधिकारी।
- साहित्य और कला के क्षेत्र में संपादक एवं सहयोगी कलाकार।
ये सभी व्यक्ति दूसरों की सफलता के पीछे महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
प्रश्न 3. संगतकार किन-किन रूपों में मुख्य गायक-गायिकाओं की मदद करते हैं?
उत्तर :
संगतकार अनेक प्रकार से मुख्य गायक या गायिका की सहायता करते हैं।
- वे संगीत की लय और ताल बनाए रखते हैं।
- गायक का आत्मविश्वास बढ़ाते हैं।
- स्वर बिगड़ने पर उसे संभालने में सहायता करते हैं।
- संगीत प्रस्तुति को अधिक प्रभावशाली बनाते हैं।
- मुख्य गायक को आवश्यक सहयोग प्रदान करते हैं।
- मंच पर वातावरण को संतुलित बनाए रखते हैं।
इस प्रकार संगतकार संगीत कार्यक्रम की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
प्रश्न 4. भाव स्पष्ट कीजिए।
“और उसकी आवाज़ में जो एक हिचक साफ सुनाई देती है
या अपने स्वर को ऊँचा न उठाने की जो कोशिश है
उसे विफलता नहीं
उसकी मनुष्यता समझा जाना चाहिए।”
उत्तर :
इन पंक्तियों में कवि संगतकार की विनम्रता और त्याग की भावना का वर्णन करता है। संगतकार जानबूझकर अपने स्वर को मुख्य गायक से ऊँचा नहीं होने देता ताकि मुख्य गायक का महत्व बना रहे। यह उसकी कमजोरी या असफलता नहीं है, बल्कि उसकी उदारता, सहयोग की भावना और मनुष्यता का परिचायक है। वह स्वयं पीछे रहकर दूसरे को आगे बढ़ाने का कार्य करता है।
प्रश्न 5. किसी भी क्षेत्र में प्रसिद्धि पाने वाले लोगों को अनेक लोग तरह-तरह से अपना योगदान देते हैं। कोई एक उदाहरण देकर इस कथन पर अपने विचार लिखिए।
उत्तर :
यह कथन पूर्णतः सत्य है। किसी भी व्यक्ति की सफलता केवल उसके व्यक्तिगत प्रयासों का परिणाम नहीं होती, बल्कि उसके पीछे अनेक लोगों का योगदान होता है।
उदाहरण के लिए, एक सफल क्रिकेट खिलाड़ी के पीछे उसके माता-पिता, प्रशिक्षक, साथी खिलाड़ी, चिकित्सक और प्रबंधन टीम का महत्वपूर्ण योगदान होता है। यदि ये लोग सहयोग न करें तो खिलाड़ी के लिए सफलता प्राप्त करना कठिन हो जाता है।
इस प्रकार हर सफल व्यक्ति की उपलब्धि में अनेक सहयोगियों का योगदान छिपा होता है।
प्रश्न 6. कभी-कभी तारसप्तक की ऊँचाई पर पहुँचकर मुख्य गायक का स्वर बिखरता नजर आता है। उस समय संगतकार उसे बिखरने से बचा लेता है। इस कथन के आलोक में संगतकार की विशेष भूमिका को स्पष्ट कीजिए।
उत्तर :
जब मुख्य गायक ऊँचे स्वरों पर गाते समय कठिनाई का अनुभव करता है, तब संगतकार अपनी कुशलता और अनुभव से उसकी सहायता करता है। वह सही ताल, लय और स्वर बनाए रखता है तथा मुख्य गायक को संभालने का प्रयास करता है। उसकी यह भूमिका मंच पर संगीत की गुणवत्ता को बनाए रखने में अत्यंत महत्वपूर्ण होती है।
संगतकार संकट के समय एक सच्चे सहयोगी की तरह कार्य करता है और प्रस्तुति को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देता है।
प्रश्न 7. सफलता के चरम शिखर पर पहुँचने के दौरान यदि व्यक्ति लड़खड़ाता है तब उसे सहयोगी किस तरह संभालते हैं?
उत्तर :
जब कोई व्यक्ति सफलता की ऊँचाइयों तक पहुँचते समय किसी कठिनाई, समस्या या असफलता का सामना करता है, तब उसके सहयोगी उसे मानसिक, भावनात्मक और व्यावहारिक सहायता प्रदान करते हैं। वे उसका उत्साह बढ़ाते हैं, सही सलाह देते हैं और उसकी कमजोरियों को दूर करने में मदद करते हैं।
सच्चे सहयोगी व्यक्ति को निराश नहीं होने देते और उसे पुनः सफलता की ओर अग्रसर करते हैं। इसी कारण जीवन में सहयोगियों का महत्व अत्यंत अधिक होता है।
कविता का सारांश
‘संगतकार’ कविता के कवि मंगलेश डबराल हैं। इस कविता में कवि ने उन लोगों के महत्व को रेखांकित किया है जो स्वयं प्रसिद्धि प्राप्त नहीं करते, परन्तु दूसरों की सफलता में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। संगतकार मुख्य गायक की सहायता करता है, उसका आत्मविश्वास बढ़ाता है और प्रस्तुति को सफल बनाता है। कविता हमें यह शिक्षा देती है कि समाज में प्रत्येक सहयोगी व्यक्ति का सम्मान होना चाहिए, क्योंकि सफलता के पीछे अनेक अनदेखे हाथों का योगदान छिपा होता है।